Essay on Importance of water in Hindi – पानी के महत्व पर निबंध

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Essay on Importance of water in Hindi

जल ही जीवन हैं, हम सब जानते है की पानी के बिना जीवन संभव नहीं है। पृथ्वी ही एक एकमात्र ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन है, क्योंकि यहाँ पानी उपलब्ध हैं। पानी ना केवल जीवन के लिए अपितु वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए भी आवश्यक है। पानी के बिना मनुष्य, जानवर, पक्षी, पेड़ पौधे आदि सभी का जीवन संकट में पड़ जायेगा. पानी हमारे जीवन के लिए उतना ही जरूरी हैं जितना की साँस लेना. पानी धरती पर अमृत के समान हैं जिसके स्पर्श से हम सभी को नया जीवन मिलता है।

पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है इसलिए हमें इसका सम्मान करना चाहिए और इसे व्यर्थ नहीं करना चाहिए। मनुष्य को अपने जीवन के प्रत्येक कार्य पीने, खाना पकाने, नहाने-धोने, सफाई आदि करने के लिए पानी की आवश्यकता पड़ती है। पानी का इस्तेमाल खेती करके भोजन उगाने ,आग बुझाने, मछलियां पकड़ने व यातायात के साधन के रूप में भी किया जाता हैं. हमें फसलों, बगीचों व जानवरों आदि की देखभाल सभी के लिए पानी की आवश्यकता होती है। यहां तक की भोजन को पकाने और बिजली उत्पादन के लिए भी पानी की आवश्यकता है। इसलिए सोचिए अगर पानी नहीं होगा तो जीवन सुचारु रूप से कैसे चलेगा.

वैसे तो पृथ्वी की सतह का लगभग 71 प्रतिशत भाग पानी से ढका हुआ है परन्तु इसमें से 96 प्रतिशत पानी नमकीन होने के कारण पीने योग्य नहीं हैं। ताजे पानी के संसाधन जैसे नदियाँ, झीले और भूजल की मात्रा बहुत कम हैं और यह स्रोत भी वर्षा पर निर्भर हैं। अगर वर्षा ना हो तो हम सभी पीने योग्य पानी के मोहताज हो जायेगे. भूजल की मात्रा भी दिन प्रतिदिन घटती ही जा रही हैं. इसलिए पानी की एक-एक बूँद कीमती है, इसको बरबाद नहीं करना चाहिए। हमें हमेशा साफ़ और शुद्ध जल ही पीने के लिए प्रयोग करना चाहिए। परन्तु आज जल प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गई है। हम सबको इस समस्या की रोकथाम के लिए मिलकर काम करना होगा एवं पानी को प्रदूषित होने से बचाना होगा.

आज पानी और वर्षा के अभाव में भारत के बहुत से राज्य सूखे की मार झेल रहे हैं. वर्षा ना होने करण किसान खेती नहीं कर पा रहा और क़र्ज़ के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया हैं. पानी प्रकृति द्वारा दिया गया एक अमूल्य उपहार है। इसलिए इसे ना तो बर्बाद करो ना ही प्रदूषित, कही ऐसा ना हो की हमे पानी की एक एक बून्द के लिए तरसना पड़ जाए.

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