Hindi essay on Chandni Raat Mai Nauka Vihar- चाँदनी रात में नौका विहार

Here we are with Hindi essay on Chandni Raat Mai Nauka Vihar describing about my experience of boating in the moonlight night in Hindi. Read about चाँदनी रात में नौका विहार पर निबंध.

Essay on Chandni Raat Mai Nauka Vihar

चाँदनी रातों का हमारे जीवन मैं विशेष महत्त्व है। वे जीवन में उल्लास भरती हैं, जीवन को शक्ति देती है और आनन्द प्रदान करती है । एक ऐसी ही चाँदनी रात में मैंने अपने मित्रों के साथ गंगा तट पर भ्रमण करने का मन बना लिया । हम सब रात्रि भोजन करने के पश्चात् घूमते हुए गंगा तट पर पहुँच गए। तभी एक मित्र तीसरे मित्र ने कहा की क्यों ना हम लोग इस चाँदनी रात में नौका विहार का आनन्द लें । इस प्रस्ताव पर हम सब लोग सहर्ष सहमत हो गए। हमने एक मल्लाह से बात की और नौका विहार के चल पड़े । चाँदनी रात में गंगा का पानी और भी निर्मल तथा शीतल महसूस हो रहा था ।

नदी में और भी कई नौका विहार कर रहे थे । कही कुछ नवयुवक और नवयुवतियां ‘हरे रामा – हरे कृष्णा’ का कीर्तन कर रहे थे तो कही कोई नाविक मधुर गीत गुनगुना रहा था। बड़ा ही मनोरम दृश्य था। हम सब ने भी अपने जीवन के अनुभव व चुटकुले सुनाएँ। लहरों की नाव से टकराती हुई ध्वनि बहुत कर्ण प्रिय लग रही थी ।

जैसे ही नाव तेज धरा में पहुंची वह मनमाते परन्तु नियंत्रित ढंग से बहने लगी। वह इतनी तेज जा रही थी कि किनारे पर लगे पेड़ पौधे विपरीत दिशा की ओर भागते दिखाई दे रहे थे। तारों भरा आकाश बहुत ही मनोरम प्रतीत हो रहा था। हम सब के लिए यह नौका विहार एक सपने भरी यात्रा जैसा था जिसका हमने बहुत आनंद लिया। चाँदनी रात में नौका विहार का यह अनुभव हमें हमेशा याद रहेगा तथा जब भी अवसर मिलेगा मैं नौका विहार के लिए जरूर जाऊंगा।

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